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Brajeshwar Mahadev (Barsana)

Brajeshwar Mahadev (Barsana)
Leela Place Distt/Village: 
Barsana

'ब्रजेश्वर महादेव' जो ब्रजवासियों के मंगलार्थ महारुद्र रूप है |

ततो ब्रजेश्वराख्यमहारूद्रप्रार्थनमन्त्र (गौरी तन्त्र)
ब्रजेश्वराय ते तुभ्यं महारुद्राय ते नमः |
ब्रजौकसां शिवार्थाय नमस्ते शिव रुपिणे ||

मन्त्र का अर्थ है कि जिन महादेव का नाम ब्रजेश्वर है और जो ब्रज वासियों के कल्याण के लिये यहाँ सदा विराजते हैं और जिन का नाम शिव है ऐसे शिव रूपी ब्रजेश्वर को हम प्रणाम करते हैं !

भानु सरोवर के पास महारुद्र ब्रजेश्वर शिवलिंग है जिनको वृषभानु प्रभृति गोप समूह ने इष्ट सिद्धि के लिये स्थापन किया है | हे ब्रजेश्वर ! हे महारुद्र ! आपको नमस्कार | इस मन्त्र के १४ बार पाठ करने से समस्त कल्याण प्राप्त होता है और ब्रज में सर्वदा वास पूर्वक सौभाग्य संपत्ति लाभ करता है | ब्रजवासियों के मंगल शिव रूप महारूद्र ब्रजेश्वर को प्रणाम है |
ये बड़े प्राचीन हैं, वृषभानु जी के समय से हैं ! महाराज वृषभानु जी वृषभान सरोवर में नहा कर के नित्य इनकी पूजा किया करते थे !

ब्रजेश्वर बाबा को प्रणाम कीजिये जिनका कोई अंत नहीं है ! कहते है कि एक बार कुछ व्रज वासियों ने इस महादेव मूर्ति को यहाँ से हटा कर किसी ओर जगह ले जाना चाहा | जैसे जैसे लोग खुदाई करते गये, वैसे वैसे ये ओर गहराई में जाते गये | लोग इनकी गहराई की थाह नहीं पा सके और अंत में लोगो ने महादेव से क्षमा प्रार्थना कर इन्हें यहीं विराजमान रहने देना उचित समझा |

समीप में ही 'रावलवन' जहाँ कृष्ण छद्म योगी बनकर बैठे थे |

Brajeshwar Mahadev (Barsana)
Brajeshwar Mahadev (Barsana)
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